Welcome to BSP Uttar Pradesh Unit

About The BSP

Acclaimed as the 'Best Secular Party' and the 'Boldest Socialist Party', the Bahujan Samaj Party is, as its name implies, the National Party of the common folk, who love peace, want progress and dream of a casteless and egalitarian India.

The Bahujan Samaj Party is the National Party that strives for the creation of a casteless India by uplifting the marginalized and downtrodden sections of the society and thus realizing the dream of Dr. B.R. Ambedkar, the architect of the Indian Constritution, who several times voiced his dream of seeing the dalits (the lower castes) in the throne of power in Delhi.

It was founded in 1984 by Kanshi Ram, the charismatic leader of the oppressed and downtrodden masses belonging to the backward classes, untouchables and minority communities, who had always been marginalized by the conservative caste Hindus. Kanshi Ram was inspired by the Buddha who despised caste distinctions and Dr. B.R. Ambedkar, the Messiah of Marginalised and the Architect of the Indian Constitution. Know more...

  • बसपा ने किसानो के लिए बहुत कुछ किया लकिन अजीत और कॉंग्रेस ने कुछ नही किया
    भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा, मायावती ने तो किसानों के लिए कुछ किया भी, लेकिन अजित व कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। जो पार्टी किसानों के लिए काम करेगी, उसी को वोट दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सेहत सुधारने की लालसा में कांग्रेस ने राष्ट्रीय लोकदल से चुनावी समझौता तो [...]
  • यह पैसा देश का है कोई इटली से नही लाई सोनिया गाँधी
    बीएसपी ने कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए अपने स्टार प्रचारक सतीश चंद्र मिश्रा को आगे कर दिया है। उन्होंने गोंडा में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हाथी नहीं कांग्रेस का ‘जादुई हाथ’ केंद्र के रुपये को सफाचट कर रहा है। मिश्रा का यह बयान राहुल गांधी के [...]
  • फिर सामने आई सपा की गुंडा गार्दी
      सपा सम्मेलन में दो गुटों के बीच जमकर हाथापाई हुई। एक गुट के विरोधी नारे लगाने और काले झंडे लहराए जाने के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। कुर्सियां चलने से छह लोग घायल हो गए। इधर एक पक्ष की ओर से कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। [...]
  • काले धन के सवाल पर मुह चुराकर भागे राहुल गाँधी
    बुंदेलखंड में कांग्रेस की जड़ मजबूत करने के मकसद से दो दिन से लगातार जनसभाएं कर रहे कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी को गुरुवार को विरोध झेलना पड़ा। बबेरू कस्बे के जेपी शर्मा इंटर कालेज की जनसभा में राहुल करीब आठ मिनट तक ही बोले थे कि योग गुरु बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट [...]
  • मुंगेरी लाल के हसीन सपनो की तरह है मुलायम के बादे
    समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भले ही लोकलुभावन वादों की बौछार की हो, लेकिन इन घोषणाओं को साकार करना टेढ़ी खीर होगा। मिसाल के तौर पर करेत्तर राजस्व के मद में सरकार को शिक्षा से 4000 करोड़ रुपये, चिकित्सा व लोक स्वास्थ्य से 142 करोड़ रुपये और सिंचाई से 616 करोड़ रुपये [...]
  • वायदों के भंवरजाल में राजनीति
    कभी उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर और अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में दसवीं पास छात्रों को टैबलेट और बारहवीं पास छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है। वायदों की झड़ी यहीं आकर नहीं रूकी, समाजवादी
  • औचित्य से परे है चुनाव आयोग का
    चुनाव आयोग का हाथी और मायावती की मूर्तियों पर पर्दा डालने का फरमान विवेक और औचित्य से परे है। यह संयोग मात्र है कि हाथी बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिह्न है, लेकिन ऐसा नहीं है कि देश का मतदाता हाथी की छवि को सिर्फ इसलिए जानता है कि वह बसपा का चुनाव चिह्न है?
  • निर्वाचन आयोग और उसका कॉंग्रेस प्रेम
    इसमें संदेह नहीं कि निर्वाचन आयोग ने पिछले दो दशक के दौरान चुनावी प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने और धनबल व बाहुबल पर अंकुश लगाने की दिशा में असाधारण कार्य किया है, लेकिन उसके हाल के कुछ निर्णयों पर ऐसे सवाल खड़े हुए हैं कि उसने राजनीतिक दलों से संबंधित मामलों में नीर-क्षीर ढंग से कार्य
  • कॉंग्रेस की छल-कपट की राजनीति
    निर्वाचन आयोग की नोटिस और नाराजगी के बाद केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के नौ प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण संबंधी बयान को उनका निजी विचार बताने के 24 घंटे के अंदर ही कांग्रेस ने जिस तरह पलटी खाते हुए यह कहा कि वह अल्पसंख्यक आरक्षण बढ़ाने के पक्ष में है उससे यह साफ हो गया कि
  • यहाँ ‘लाल सलाम’ गया और अब ‘जय भीम’ आया
    वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों का क्रांतिकारी अभिवादन ‘लाल सलाम’ कभी बुंदेलखण्ड के हर गांव और गरीब की ड्योढ़ी तक सुनाई देता था। करीब तीन दशक तक यह बदहाल इलाका वामपंथियों का गढ़ रहा। ‘धन और धरती बंटकर रहेगी’ के नारे से प्रभावित गरीब-गुरबा इसके प्रबल समर्थक माने जाते थे, लेकिन अब ‘लाल सलाम’ की

BSP Govt. to build five thermal power plants in UP

BSP Government has decided to build five thermal power plants with a total generation capacity of 9,940 MW. more...

Assemply Election 2012

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